Wednesday, June 3, 2009

अब एटीएम में भी वायरस

एटीएम का उपयोग करने वालों के लि‍ए अब एक बुरी खबर है। रूस की कंप्‍यूटर सुरक्षा प्रयोगशालाओं ने ऑटोमेटि‍क टेलर मशीन याने एटीएम को संक्रमि‍त करने वाले एक ऐसे सॉफ्टवेयर वायरस का पता लगाया है जो आपके बैंक खातों से आपका पैसा चुरा सकता है।

दो अग्रणी एंटी वायरस सॉफ्टवेयर उत्‍पादकों 'डॉक्‍टर वेब' और 'कास्‍पेरस्‍की लैब' ने दावा कि‍या है कि‍ उन्‍होंने कई बैंकों के एटीएम नेटवर्क में एक नए वायरस की खोज की है जो बैंक कार्ड की जानकारी इकट्ठा कर सकता है। कास्‍पेरस्‍की लैब के एक अधि‍कारी ने जानकारी दी कि‍ यह वायरस एक ऐसा मालेशि‍‍यस प्रोग्राम है जो एटीएम को प्रभावि‍त करता है। संभव है कि‍ एक ऐसा सॉफ्टवेयर लाया जाए जो बैंक जानकारी के अवैध उपयोग और फंड नि‍कालने के उद्देश्‍य से बनाया गया हो।

उन्‍होंने बताया कि‍ यह वायरस एक ट्रोजोन है जो एटीएम के पापुलर अमेरि‍कन डायबोल्‍ड ब्रांड को प्रभावि‍त कर सकता है जो रूस और यूक्रेन में उपयोग कि‍या गया है। उपयोग कि‍ए गए प्रोग्रामिंग कोड को देखते हुए लगता है कि‍ प्रोग्रामर पूर्व के सोवि‍यत रि‍पब्‍लि‍क का है।

कंप्‍यूटर सुरक्षा वि‍शेषज्ञों का कहना है कि‍ प्रभावि‍त एटीएम की संख्‍या अभी कम है लेकि‍न जि‍नके पास बैंक के कार्ड्स हैं वे यह पता नहीं लगा सकते कि‍ एटीएम वायरस से प्रभावि‍त है या नहीं। हालाँकि‍ बैंक सुरक्षा सॉफ्टवेयर चलाकर पता कर सकते हैं कि‍ उनकी मशीनों को खतरा है या नहीं।

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