Wednesday, June 10, 2009

गूगल का नया सॉफ्टवेयर

गूगल ने अपनी सबसे बड़ी प्रति‍द्वंदी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के बि‍जनेस यूजर्स को हथि‍याने की पूरी तैयारी कर ली है।

गूगल ने यूजर्स के लि‍ए एक ऐसा सॉफ्टवेयर बनाया है जि‍ससे माइक्रोसॉफ्ट के मेलिंग सॉफ्टवेयर आउटलुक का उपयोग करने वाले यूजर्स आसानी से गूगल के वेब आधारि‍त कम्‍युनि‍केशन और कोलेबरेशन उत्‍पादों पर स्‍वि‍च कर सकेंगे। हालाँकि‍ कंपनी ने स्‍पष्‍ट कि‍या है कि‍ उसका उद्देश्‍य यूजर्स को गूगल के वेब आधारि‍त ईमेल का उपयोग करने के लि‍ए बाध्‍य करना नहीं हैं बल्‍कि‍ यूजर्स को नए वि‍कल्‍प उपलब्‍ध कराना है।

गूगल ने कल बताया कि‍ उन्‍होंने एक ऐसा सॉफ्टवेयर वि‍कसि‍त कि‍या है जि‍सके उपयोग से माइक्रोसॉफ्ट एक्‍सचेंज सर्वर से डेटा को गूगल की क्‍लाउड बेस्‍ड ऑनलाइन सेवा पर ट्रांसफर कि‍या जा सकता है। इससे यूजर आउटलुक का उपयोग ईमेल और अन्‍य कार्यों के लिए कर सकते हैं लेकि‍न बैक एंड फंक्‍श्‍नालि‍टी और डेटा संग्रह कंपनी के इंटरनल सर्वर (जि‍स पर माइक्रोसॉफ्ट सॉफ्टवेयर चलता है) पर रखने की बजाए गूगल के सर्वर पर चला जाएगा।

फि‍लहाल कंपनी के पास 10 लाख 75 हजार बि‍जनेस यूजर्स हैं जि‍नमें जेनेनटेक और एवोगो जैसी कंपनि‍याँ शामि‍ल हैं।

सोनी ने नया गेम डि‍वाइस लॉन्‍च कि‍या

सोनी कॉर्पोरेशन ने हाल ही में एक छोटा और हल्‍के प्‍लेस्‍टेशन वाला गेम डि‍वाइस पीएसपी गो लॉन्‍च कि‍या है।

इसे 1 अक्‍टूबर को उत्तरी अमेरि‍का और यूरोप के बाजारों में लाया जाएगा और जापान में यह 1 नवंबर को लॉन्‍च होगा। यह गेम डि‍वाइस सोनी के वर्तमान पीएसपी 3000 क आकार का लगभग आधा और वजन में 40 प्रति‍शत कम होगा। इसकी कीमत लगभग 249 डॉलर होगी।

3.8 इंच बड़ी स्‍क्रीन वाले इस स्‍लाडर डि‍वाइस में वाय फाय सुवि‍धा के साथ गाने, फोटो और गेम्‍स डाउनलोड करने के लि‍ए 16 गीगाबाइट का स्‍थान उपलब्‍ध है। साथ ही इसमें ब्‍लूटूथ की भी सुवि‍धा होगी।

माना जा रहा है सोनी ने अपना नया प्‍लेस्‍टेशन नाइनटेंडो के मोबाइल गेम के साथ प्रति‍योगि‍ता में लॉन्‍च कि‍या है।

Tuesday, June 9, 2009

फेल्ड एसएमएस से करोड़ों की कमाई

नई दिल्ली। मोबाइल कंपनियाँ ग्राहकों को चूना लगाने का कोई मौका नहीं छोड़ रही हैं। शायद आपको पता नहीं होगा कि आपके मोबाइल से भेजा गया एसएमएस अगर डिलीवर नहीं हो पाता तो फेल्ड हो जाता है। लेकिन कंपनियाँ इसके एवज में भी आपसे शुल्क वसूलती हैं।

कंपनियों की इस करतूत पर अब सख्त रवैया अपनाया गया है। दस मोबाइल ऑपरेटरों से बिना डिलीवरी वाले एसएमएस का ब्योरा माँगा गया है। ऐसा करने वाली कंपनियों पर अब नजर रखी जाएगी।

अगर आप भी मोबाइल कंपनियों के इस हथकंडे के भुक्तभोगी हैं तो इसकी शिकायत कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक एकाधिकार और प्रतिबंधित व्यापार आयोग (एमआरटीपीसी) ने मोबाइल ऑपरेटरों के खिलाफ यह जाँच एक ग्राहक की शिकायत पर शुरू की है। आयोग ने खास तौर से दिवाली और नए साल के मौके पर डिलीवर नहीं होने वाले एसएमएस का ब्योरा माँगा है।

पाम प्री स्‍मार्टफोन लॉन्‍च

छ: महीने की लंबी प्रतीक्षा के बाद पाम सेल पसंद करने वालो को आखि‍र उनका तोहफा मि‍ल ही गया। पाम कंपनी ने पाम प्री के रूप में नया स्‍मार्टफोन लॉन्च कि‍या है।

फोन का पहली बार प्रदर्शन जनवरी में कि‍या गया था लेकि‍न तब इसके लॉन्‍च की घोषणा नहीं हुई थी। हाल ही में इसे औपचारि‍क रूप से लॉन्‍च कि‍या गया। यह यू एस में पाम के औपचारि‍क नेटवर्क कैरि‍यर, स्‍प्रिंट द्वारा यूजर्स के लि‍ए उपलब्‍ध कराया जाएगा। इसे फि‍लहाल एप्‍पल के नए आईफोन का प्रति‍द्वंदी माना जा सकता है। हालाँकि‍ लॉन्‍च के पहले दि‍न पाम के सभी सीमि‍त हैंडसेट्स बि‍क गए थे।

प्री एक स्‍लाइडर स्‍मार्टफोन है जि‍स पर पाम वेब ऑपरेटिंग सि‍स्‍टम चलता है। मल्‍टीटच स्‍क्रीन वाले इस फोन में लेयर्ड कैलेंडर और लिंक्‍ड कॉन्‍टेक्‍ट्स हैं जि‍ससे यूजर वि‍भि‍न्‍न कैलेंडर्स के साथ लिंक कर सकते हैं और उन्‍हें लेयर्स के रूप में एक स्‍थान पर देख सकते हैं। इससे आप एप्‍लि‍केशंस को बंद कि‍ए बि‍ना उन्‍हें बदल सकते हैं।

पाम प्री के अन्‍य फीचर्स है:

* पाम वेब ऑपरेटिंग सि‍स्‍टम
* मल्‍टीटच स्‍क्रीन
* लेयर्ड कैलेंडर और लिंक्‍ड कॉन्‍टेक्‍ट्स
* फ्लैश कैमरा
* बि‍ल्‍टइन म्‍यूजि‍क प्‍लेयर
* जीपीएस एक्‍सेस
* ईमेल और वाय फाय कनेक्‍शन
* कंबाइंड मैसेजिंग
* टेक्‍स्‍ट मैसेज और कैलेंडर अपॉइंटमेंट्स नोटि‍फि‍केशन
* पाम मीडि‍या सिंक्रनाइजेशन
* डाउनलोड फीचर

यूएस में इसकी कीमत 199 डॉलर (लगभग 9431 रु.) है। अभी इसके भारतीय बाजार में आने की खबर नहीं है।

Monday, June 8, 2009

एप्‍पल ने बंद कि‍या आईफोन ब्‍लूटूथ हैडसेट

एप्‍पल स्‍टोर ने अपने आईफोन ब्‍लूटूथ हैडसेट को 'डि‍सकंटि‍न्‍यूड' उत्‍पादों की सूची में शामि‍ल कर दि‍या है। कंपनी इसके स्‍थान पर अगले साल तक इसका नया संस्‍करण लॉन्‍च कर सकती है।

जून 2007 में एप्‍पल ने आईफोन ब्‍लूटूथ हैडसेट लॉन्‍च कि‍या था। लेकि‍न यह ज्‍यादा संतोषजनक साबि‍त नहीं हुआ। और इसलि‍ए कंपनी ने अंतत: इसे बंद करने का फैसला कर लि‍या। इसमें ए2डीपी सपोर्ट नहीं है। इसे सि‍र्फ प्रति‍योगी उत्‍पादों के साथ सस्‍ते दामों में समान सुवि‍धाएँ देने के लि‍ए बनाया गया था।
हालाँकि‍ हो सकता है कि‍ एप्‍पल का यह डि‍वाइस अपने नए संस्‍करण में ए2डीपी और ओपरेटिंग सि‍स्‍टम 3.0 सपोर्ट के साथ फि‍र से बाजार में आए। आशा है कि‍ आईफोन ब्‍लूटूथ हैडसेट का अगला संस्‍करण अगर कभी रि‍लीज होता है तो वह सभी कमि‍यों को पूरा करेगा।
बहुत कम समय में इस हैडसेट को सीमि‍त रेंज, सीमि‍त बैटरी और वॉइस डायल कंट्रोल्‍स की कमी के कारण ने बहुत सी आलोचनाएँ झेलनी पड़ी जो वास्‍तव में सही भी थी। ब्‍लूटूथ ट्रेवल केबल और ड्यूल डॉक वाले इस हैडसेट की कीमत डेढ़ साल के अंदर ही 129 डॉलर (6450 रु.) से 99 डॉलर (4950 रु.) कर दी गई थी क्‍योंकि‍ इसकी बि‍क्री नि‍राशाजनक थी। हैडसेट में ज्‍यादा अच्‍छे फीचर्स नहीं थे। लेकि‍न फि‍र भी इसे अपने असान सेटअप, स्‍लि‍म बॉडी और कम वजन के लि‍ए पसंद कि‍या गया।

अगर फि‍र भी आप इसे लेना चाहते हैं तो इससे अच्‍छा समय नहीं हो सकता। तो जल्‍दी कीजि‍ए हैडसेट कुछ ही दि‍नों में बाजार से गायब होने वाला है।

Sunday, June 7, 2009

अक्टूबर में आएगा माइक्रोसॉफ्ट 'विंडोज 7'

दुनिया की टॉप सॉफ्टवेयर निर्माता कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने कहा है कि वह अपना नया ऑपरेटिंग सिस्टम 'विंडोज 7 ' आगामी 22 अक्टूबर को बाजार में उतारेगी।
समाचार एजंसी डीपीए के मुताबिक कंपनी ऐपल, गूगल और मुफ्त उपलब्ध ऑपरेटिंग सिस्टम लिनक्स से मिल रही चुनौतियों का सामना करने के लिए यह कदम उठा रही है।

कंपनी ने लगभग 3 साल पहले अपना पिछला ऑपरेटिंग सिस्टम 'विंडोज विस्टा' बाजार में उतारा था। विस्टा को अनेक खामियों के लिए चौतरफा आलोचना का शिकार होना पड़ा था। कंपनी ने नए ऑपरेटिंग सिस्टम की कीमत के बारे में कोई जिक्र नहीं किया लेकिन उसने कहा कि जिन कंस्यूमर ने जुलाई के बाद विस्टा खरीदा है उन्हें वह अपना सिस्टम अपग्रेड करने की सुविधा जरूर देगी। उल्लेखनीय है कि दुनिया भर के 90 फीसदी कंप्यूटरों में विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम ही इस्तेमाल किए जाते हैं।

देखने में छोटी पर बड़े काम की

कंप्यूटर का उपयोग करने वाला शायद ही कोई व्यक्ति हो जो कांपेक्ट डिस्क सीडी के नाम से परिचित न हो। छोटी सी सीडी ने तकनीक की दुनिया में धूम मचा दी है। वहीं बाजारों में सीडी की आमद ने टेप रिकार्डर में उपयोग में लाई जाने वाली परंपरागत टेप कार्टिज सामान्य भाषा में कैसेट का सफाया कर दिया है।

राजधानी के एक डीवीडी स्टोर के मालिक अनुज तनेजा ने बताया कि फिल्म प्रदर्शित होने के पहले से ही लोग सीडी का इंतजार करने लगते हैं। संगीत प्रेमियों के बीच भी अब आडियो कैसेट लोकप्रिय नहीं रह गई हैं बल्कि सभी सीडी लेना ही पसंद करते हैं।

कमोबेश यही हाल फिल्म के वीडियो का भी है। वीडियो सीडी के व्यापारी सुनील मंगतानी बताते हैं कि लगभग एक दशक पहले तक लोग नई प्रदर्शित होने वाली फिल्म की वीडियो कैसेट के पीछे दीवाने रहते थे लेकिन अब कैसेट को कोई नहीं पूछता और वीडियो सीडी और डीवीडी हाथों हाथ बिकती हैं।

विद्यार्थियों और कामकाजी लोगों के लिए भी सीडी जीवन की जरूरत बन चुकी है। सीडी के दाम कम होने और उसकी क्षमता ज्यादा होने से भी इसका दैनिक जीवन में खासा महत्व है। इंजीनियरिंग के विद्यार्थी पीयूष तलवार का कहना है कि परीक्षाओं के दौरान दोस्तों से नोट्स लेने में सीडी का ही उपयोग करते हैं इसके अलावा फिल्मों और संगीत का शौक भी सीडी ही पूरा करती हैं।

मोल्डेड पालीमर से बनने वाली सीडी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें डाटा डिजिटल रूप से सुरक्षित रहता है जिसके चलते इसकी डाटा सुरक्षित रखने की क्षमता कैसेट और फ्लापी जैसे परंपरागत उपकरणों से कहीं ज्यादा होती है साथ ही यह इसी तरह के अन्य उपकरणों से ज्यादा भरोसेमंद होती है।
सीडी के बाद आए इसके आधुनिक रूप डिजिटल वर्सेटाइल डिस्क डीवीडी की क्षमता और भी ज्यादा होती है जो फिल्म सुरक्षित रखने के काम आती है।

तकनीक की शुरूआत में सीडी रीड आनली सीडी पर सुरक्षित डाटा को सिर्फ पढ़े जा सकने वालीआती थीं लेकिन नई तकनीक के आने के बाद से सीडी पर लिखा भी जाने लगा।

अगले कुछ दिनों में वैज्ञानिक ऐसी भी डीवीडी बाजार में लाने वाले हैं जिनका आकार तो वर्तमान सीडी जैसा ही होगा लेकिन डाटा सुरक्षित रखने की उनकी क्षमता 2 000 गुना ज्यादा होगी। वैज्ञानिक सीडी की क्षमता को नैनोस्कोपिक कणों के उपयोग से बढ़ाए जाने की ओर सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं।

विश्व को सीडी की सौगात सबसे पहले सोनी कंपनी ने 1976 में दी। सोनी ने सबसे पहले एक आप्टिकल डिजिटल आडियो डिस्क दुनिया के सामने पेश की। इसके बाद सोनी ने ही 1978 में 150 मिनट चलने वाली सीडी बनाई। बाजार में सीडी पहली बार 1982 में आई।